अबसे मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति के बाद महंगा हो सकता है जाम छलकाना
भोपाल(मप्र)
मध्यप्रदेश में जाम छलकाना अब महंगा हो सकता है. कमलनाथ सरकार ने शराब दुकानों के लाइसेंस फीस में इजाफा करने का फैसला किया है. बीते साल के मुकाबले इस बार लाइसेंस फीस 25 फीसदी बढ़ाई गई है. इसके साथ ही शराब की कोई उपदुकान नहीं खोलने का भी फैसला किया गया है. दरअसल प्रदेश की 2544 देशी शराब और 1061 विदेशी शराब दुकानों की टेंडर प्रक्रिया नए सिरे से की जानी है.
ई-टेंडर के जरिए आवंटित करेगा दुकानों का लाइसेंस
आबकारी विभाग अब इन दुकानों का लाइसेंस ई-टेंडर के जरिए आवंटित करेगा. इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में दुकानों के 2-2 समूह बनाए जाएंगे. इनमें एक शहरी और दूसरा ग्रामीण होगा. 12 अन्य नगर निगमों में दुकानों का एक ही समूह बनेगा, जबकि 36 जिलों में दुकानों की नीलामी पहले की तरह होगी. इसके साथ ही टूरिस्ट प्लेस पर अंगूर से बनी शराब की 15 नई दुकानें खोलने का फैसला किया गया है.
नई नीति से बड़े ग्रुप को फायदा
नई आबकारी नीति में यह माना जा रहा है कि बड़े ग्रुप को फायदा होगा. सरकार ने 2020-2021 के लिए जो नीति फाइनल की है उसके मुताबिक प्रदेश के आधे शराब कारोबार को बड़े ग्रुप को देने का फैसला किया गया है. नई नीति के मुताबिक भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर में दो समूहों के पास सभी दुकानें होंगी. बाकी 12 नगर निगमों में एक समूह कारोबार करेगा. लाइसेंस फीस बढ़ाने से राज्य सरकार को करीब 2200 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा.
अबसे मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति के बाद महंगा हो सकता है जाम छलकाना भोपाल(मप्र)
• K.K.BHAI ( PARWAL )